पराली को आग लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे न केवल पर्यावरणीय प्रदूषण होता है बल्कि यह किसानों के लिए आय का एक स्रोत भी हो सकता है। पराली के विभिन्न उपयोगी तरीके हैं जो किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान कर सकते हैं: कृपया मुलाकात करे : www.PelletIndia.com

- जैविक खाद: पराली को जैविक खाद में बदलकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है।
- ऊर्जा उत्पादन: पराली से बायोएनर्जी जैसे बायोगैस और बायोमास पेलेट्स बनाए जा सकते हैं।
- मशरूम उत्पादन: पराली का उपयोग मशरूम उत्पादन के लिए भी किया जा सकता है।
- भूमि संरक्षण: पराली का उपयोग मिट्टी के कटाव को रोकने और जल संरक्षण में भी किया जा सकता है।
इसके अलावा, सरकार द्वारा पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहन देने की भी योजनाएं हैं। इस प्रकार, पराली का सही उपयोग करके किसान न केवल पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं बल्कि अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं।
